पौड़ी, ब्यूरो। जिले में बादल फटने से यमकेश्वर तहसील में तीन गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई गांवों में लोगों के घर जमींदोज हो गए हैं। एक महिला की मलबे में दबकर मौत हो गयी है। वहीं ग्रामीणों के कई मवेशियों के बह जाने का भी अंदेशा है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार यमकेश्वर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत तड़के साढ़े 3 बजे बादल फटने से भारी तबाही हो गयी है। बताया जा रहा है कि तहसील के ग्राम बिनक में भवन के क्षतिग्रस्त होने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गयी। वहीं डिवोगी निवासी धर्म सिंह की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई है। गौशाला ढह गई है। गौशाला में बंधे मवेशी भी बह गए। ग्राम आवई, उदयपुर मल्ला व ग्राम पम्बा वल्ला में एक एक आवासीय भवन बारिश से जमींदोज हो गये हैं। गनीमत रही कि समय रहते सभी वाशिंदे सही सलामत सुरक्षित जगह पहुंच गए। वहीं जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने जनपद आपदा कंट्रोल रूम तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावित स्थलों का मौका मुआयना करने को कहा है। इसके साथ ही प्राथमिक रेस्क्यू की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। तहसील प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा प्रभावित स्थानों पर लोगों की मदद को कहा गया है। डीएम ने एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर रवाना कर दी हैं।
देहरादून, ब्यूरो। देहरादून जनपद में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में शिक्षा विभाग द्वारा 10000 व्यक्तियों हेतु निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई। जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा विद्यालयों में अवकाश का निर्णय लिया गया, किन्तु सूचना समय पर प्राप्त न होने के कारण पीएम पोषण योजना की केन्द्रीयकृत रसोई से विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार किया जा चुका था। ऐसी स्थिति में तत्काल वंशीधर तिवारी, महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा द्वारा मुख्य शिक्षा अधिकारी डा० मुकुल कुमार सती को तैयार भोजन से गाड़ियों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिये गये। मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों मालदेवता कोल्हूपानी, डोईवाला तथा विकासनगर में बाढ़ प्रभावितों के लिए तथा भाऊवाला, आईएसबीटी के समीपस्थ बस्तियों में भोजन पहुंचाया गया।
देहरादून, ब्यूरो। अपना वार्षिक सामाजिक-सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विशाल जन्माष्टमी कार्यक्रम के 25 साल पूरे होने के अवसर पर, दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की ओर से संस्थापित एवं संचालित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान डीजेजेएस ने दो साल के वर्चुअल समारोहों के बाद, 18 और 19 अगस्त को, डीडीए ग्राउंड, सेक्टर -10, द्वारका, दिल्ली में भव्य श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया। श्री कृष्ण को ही नहीं, कृष्ण की भी मानें विषय पर आधारित इस दो दिवसीय मेगा इवेंट में रिकॉर्ड तोड़ संख्या में भक्त-श्रद्धालु शामिल हुए व पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम की भव्य सफलता इसके महत्वपूर्ण डिजिटल फुटप्रिंट में भी दिखाई दे रही है। डीजेजेएस यूट्यूब चैनल पर 19 अगस्त शाम 7ः30 बजे भारतीय समय से कार्यक्रम की वेब स्ट्रीम पब्लिश कर दी गयी जिसमें लगातार दर्शकों की संख्या बढती जा रही है कार्यक्रम से पहले और उसके दौरान असंख्य अध्यात्म में रूचि रखने वाले लोगों के द्वारा सोशल मीडिया हैण्डलों पर हैजटैगडीजेजेएसजन्माष्टमी का प्रयोग कर रील, शॉर्ट्स और पोस्ट अपलोड की गईं। सुदामा-श्री कृष्ण मैत्री सच्ची मित्रता का बंधन श्रीकृष्ण का विश्वरूप, क्रांतिकारी संत मीराबाई जी की गाथा,...
देहरादून, ब्यूरो। तुलाज इंटरनेशनल स्कूल के खेल विभाग द्वारा एक इंटर हाउस फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। जूनियर बॉयज वर्ग में पहला फाइनल मैच ट्रोजन और टाइटन हाउस के बीच खेला गया जिसमें टाइटन हाउस ने 2-1 से मैच जीतकर टूर्नामेंट की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वहीँ ट्रोजन हाउस को उपविजेता की ट्रॉफी से नवाजा गया। जूनियर बालक वर्ग में टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की ट्रॉफी उदय उज्जवल को प्रदान की गई। दूसरा फाइनल मैच सीनियर बॉयज वर्ग में ओलंपियन और टाइटन हाउस के बीच खेला गया जिसमें टाइटन हाउस ने मैच को 3-2 से जीत लिया और टूर्नामेंट के विजेता की ट्रॉफी हासिल करी। वहीं उपविजेता ट्रॉफी ओलंपियन हाउस को प्रदान की गई। अक्षत मैत्रेय को सीनियर बॉयज वर्ग में टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ीश् घोषित किया गया। टीआईएस के हेडमास्टर मृगांक पांडेय ने विजेता और उपविजेता टीमों को पदक और ट्राफियां देकर सम्मानित किया और विजेताओं को बधाई दी।
रामनगर, ब्यूरो। कॉर्बेट से सटे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बन्नाखेड़ा रेंज में सागौन के लट्ठों की तस्करी कर रहे दो वन तस्करों को वनकर्मियों ने पकड़ा है। वनकर्मियों ने तस्करों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और सागौन के छह लट्ठे बरामद किये हैं। इसके साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। तराई पश्चिम वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि देर रात को मुखबिर की सूचना पर बन्नाखेड़ा रेंज से दो लोगों को सागौन के लट्ठों के साथ पकड़ा है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी जंगल से सागौन के पेड़ काटकर लट्ठों को मोटरसाइकिल की मदद से ला रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और सागौन के छह लट्ठे बरामद किये हैं। कुंदन कुमार ने बताया कि पकड़े गए सागौन के लट्ठों की कीमत 50,000 रुपए से ज्यादा आंकी जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की गश्त आगे भी लगातार जारी रहेगी।
देहरादून, ब्यूरो। शुक्रवार दोपहर पिथौरागढ़ जिले में भूकंप के झटके महसूस किये गये। भूकंप के झटके दोपहर 12.55 पर महसूस किये गये। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 मापी गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकले। पिथौरागढ़ से पहले जम्मू-कश्मीर में 3.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील जोन पांच और संवेदनशील जोन चार में आता है। अति संवेदनशील जोन पांच की बात करें तो इसमें रुद्रप्रयाग जिले के अधिकांश भाग के अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिले आते है। वहीं जो क्षेत्र संवेदनशील जोन चार में हैं, उनमें ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा जिला शामिल है. देहरादून और टिहरी का क्षेत्र दोनों जोन में आता है।
देहरादून, ब्यूरो। सुमिल केमिकल इंडस्ट्रीज ने हाल ही में अपना पेटेंट कीटनाशक ब्लैक बेल्ट उत्तराखंड में लॉन्च किया। इस अवसर पर सुमील केमिकल इंडस्ट्रीज के निदेशक सुकेतु दोषी ने कहा कि ब्लैक बेल्ट एक नई ड्राई कैप टेक्नोलॉजी से बना उत्पाद है, जिसके माध्यम से कीटनाशक के सभी एक्टिव रसायन सुरक्षित एक पॉलीमर कैप्सूल में बंद रहते हैं। यह रसायन ड्राई कैप के माध्यम से पौधों की पत्तियों पर उचित समय के साथ उचित मात्रा में पहुचते है, जिससे कि पौधों को कीटों से सुरक्षित रखा जा सके। इस तरह ब्लैक बेल्ट पौधों से अलग अलग प्रजाति की सुंडियो का नियंत्रण करता है। ब्लैक बेल्ट अलग-अलग प्रकार के कीटों और अलग अलग प्रकार की फसलों पर कारगर है जिसमें धान, कपास, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन के साथ-साथ टमाटर, गोभी, मिर्ची और प्याज की फसलें भी शामिल है। सुकेतु दोशी, सुमिल केमिकल इंडस्ट्रीज के निदेशक ने कहा कि, ब्लैक बेल्ट एक अद्वितीय संकल्पना है जिसमें कंपनी की पेटेंट की हुई ड्राई कैप टेक्नोलॉजी है जो कि वर्तमान में बाजार में उपलब्ध अधिक ज़हरीले तरल फॉर्मूलेशन का एक सुरक्षित विकल्प है। ब्लैक बेल्ट पानी में घुलने वाला कीटनाशक है, और इसे निर्धारित मात्रा में ही उपयोग किया जाना चाहिए (270 से 300 ग्राम प्रति एकड़)। इसे पानी में मिलाकर पौधों पर निर्धारित समय पर छिड्काव करने से इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलता है। ब्लैक बेल्ट पौधे की सतह पर समान रूप से फैलता है और बहुत जल्दी निर्धारित कीटों का नियंत्रण करता है। सुगंधहीन ब्लैक बेल्ट ड्राई कैप टेक्नोलॉजी के कारण यह लंबे समय तक पौधों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही ब्लैक बेल्ट का मिट्टी और पर्यावरण पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। सुमिल केमिकल इंडस्ट्रीज का मुख्यालय मुंबई में है और यह कंपनी तकनीक के आधार पर आधुनिक फसल सुरक्षा और विशेष खाद बनाने के क्षेत्र में देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनी बनने की ओर अग्रेसर है। विश्वभर के 80...
देहरादून, ब्यूरो। आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व आईएएस रामविलास यादव के खिलाफ ढाई हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। ढाई हजार पन्नों की चार्जशीट में आय से 2600 गुना अधिक संपत्ति का जिक्र किया गया है। साथ ही अब इस मामले में रामविलास की पत्नी कुसुम यादव की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। कुसुम यादव की भी जल्द ही 120ठ के तहत कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। विजिलेंस के अनुसार रामविलास के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित मामले की जांच-विवेचना साल 2013 से 2016 तक की गई थी। इन तीन वर्षों में उनके संपत्ति में आज से 2600 गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता दस्तावेज मिले हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गाजीपुर, नोएडा जैसे अलग-अलग स्थानों में चल-अचल संपत्ति, प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस, जैसे सभी संपत्तियों का जिक्र आरोप पत्र में किया गया है। विजिलेंस के मुताबिक 2019 में यूपी काडर से उत्तराखंड आने के बाद रामविलास के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। 2019 में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। रामविलास के भ्रष्टाचार में उनकी पत्नी को 120 इ और 109 में सह आरोपी बनाकर विजिलेंस लगातार जांच पड़ताल कर रही है। जानकारी के अनुसार सबूत और साक्ष्य के आधार पर यादव की पत्नी को इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल में कमाई गई संपत्ति को ठिकाने लगाने का साजिशकर्ता माना जा रहा है। पहले दिन से रामविलास हर पूछताछ में संपत्तियों का हिसाब किताब पत्नी कुसुम के पास होने का जिक्र कर रहे हैं। ऐसे में विजिलेंस के कई नोटिसों के बावजूद रामविलास की पत्नी कुसुम एक बार भी विजिलेंस के समक्ष पूछताछ के लिए नहीं पहुंची। ऐसे में अब उनको भी गिरफ्तार किया जा सकता है। बीते 23 जून 2022...
देहरादून, ब्यूरो। मेटा और राष्ट्रीय महिला आयोग ने फरहान अख्तर के मर्द के साथ साझेदारी में महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने के लिए आज एक रिपोर्टिंग कैम्पेन ष्डोन्ट हेजिटैट, डू रिपोर्ट, स्टे सेफ’’ के लॉन्च की घोषणा की है। यह कैम्पेन यूजर्स के लिये ऑनलाइन दुराचार, अनुचित कंटेंट या व्यवहार की सूचना देने के लिये उपलब्ध टूल्स और रिसोर्सेज पर जागरूकता और जानकारी बढ़ाने पर फोकस करेगा। अंग्रेजी और पांच भारतीय भाषाओं- हिन्दी ब, बंगाली, मराठी, कन्नेड़ और तमिल, में लॉन्च हुआ ‘डोन्ट हेजिटैट, डू रिपोर्ट, स्टे सेफ’ कैम्पेन यूजर्स के बीच ऐसे कंटेन्ट की रिपोर्टिंग पर जागरूकता बढ़ाएगा, जो उन्हें आगे शेयर करने के बजाए आपत्तिजनक लगता है। यूजर्स के लिये इंटरनेट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के प्रयासों और पहलों पर रोशनी डालते हुए, फेसबुक इंडिया (मेटा)...
देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखन्ड के सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों की सम्बद्धता (अटैचमैन्ट) समाप्त करने के मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी के सराहनीय प्रयास को कुछ विभाग पलीता लगा रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमन्त्री ने सभी विभागों में सम्बद्ध कार्मिकों की तत्काल प्रभाव से सम्बद्धता समाप्त कर उनके मूल विभाग में वापस भेजे जाने के निर्देश दिये थें। स्वयं मुख्यमन्त्री ने सचिवालय व अपने आवास कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की सम्बद्धता खत्म कर दी थी। सहकारिता, कृषि,परिवहन, शिक्षा व विधानसभा में भी सभी कार्मिकों का अटैचमैन्ट समाप्त कर उनके मूल तैनाती स्थल हेतु कार्यमुक्त कर दिया गया था। सर्वप्रथम विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खन्डूरी ने भी पहल कर विस में तैनात उन सभी सम्बद्व कार्मिको को तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। कृषि मन्त्री गणेश जोशी ने कृषि विभाग से अटैचमैन्ट सिस्टम को समाप्त कर ऐसे कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया था। इसके विपरीत निदेशालय राज्य कर्मचारी बीमा योजना देहरादून ने नियमों को दर किनार कर अपने चहेते चीफ फार्मेसिस्ट बरकत अली की सम्बद्धता समाप्त न कर उसें पुनः निदेशालय में समायोजित कर लिया है। जबकि अन्य सम्बद्ध कार्मिक अपने मूल तैनाती स्थान पर वापस चले गये। बताया जाता है कि सियासी रसूखों के चलते उक्त चीफ फार्मेसिस्ट कई सालों से अपनी सुविधानुसार वर्ष 2016 से निदेशालय में सम्बद्ध रहकर कार्यरत है। जबकि उसका मूल तैनाती स्थल रूडकी स्थित भगवानपुर है। हैरानी की बात तो यह है कि निदेशालय में चीफ फार्मेसिस्ट का कोई अतिरिक्त पद भी रिक्त नही है। निदेशालय में पहले से ही दो अन्य चीफ फार्मेसिस्ट कार्यरत है। सवाल उठता है कि सीएम के निर्देश पर जब सभी विभागों में सम्बद्वता पर पूर्णरूप से प्रतिबन्ध लगा हुआ है तो निदेशालय राज्य कर्मचारी बीमा योजना ने नियमों को ताक पर रखकर सम्बद्वता समाप्त करने की बजाय उक्त चीफ फार्मेसिस्ट बरकत अली को फिर से निदेशालय में तैनाती के आदेश क्यों जारी कर दिये। यह भी जानकारी मिली है कि ई0एस0आई में कर्मचारियों की कमी दर्शाकर अटैचमैन्ट का बहाना बनाया गया है। उक्त अटैचमैन्ट को लेकर चर्चा है कि सेटिंग-गेटिंग का मोटा खेल खेला गया है। जबकि इस सम्बन्ध में श्रम विभाग के अनुसचिव देवेन्द्र सिंह चौहान ने विगत 18 अप्रैल 2022 को अपने पत्र संख्या 1/29785 /अ।।। -1-22-04( ईएसआई ) 2022 को राज्य कर्मवारी बीमा योजना के निदेशक को आदेशित किया था कि ऐसे सभी सम्बद्व कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल तैनाती कार्यस्थल हेतु कार्यमुक्त किया जाए। ईएसआई निदेशालय ने देर आये दुरस्त आये की नीति पर अमल करते हुए लगभग चार माह के पश्चात अपने कार्यालय आदेश संख्या 151-2022-23/432 दिनांक 2 अगस्त 2022 को ईएसआई निदेशालय एवं औषधालयों में सम्बद्व समस्त कार्मिको की सम्बद्वता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश तो जारी कर दिया लेकिन अपने आदेश के कुछ ही दिनों बाद निदेशक ने निदेशालय से सम्बद्व एक चीफ फार्मेसिस्ट का अटेचमैन्ट खत्म न कर उसकी तैनाती निदेशालय में ही कर दी। इस सम्बन्ध में ईएसआई निदेशक का कहना है कि निदेशालय में कार्मिकों की कमी की वजह से ऐसा किया गया है। सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के अनुसार यह सारा खेल श्रम सचिव के स्तर पर ही हुआ है। शासन का अनुमोदन लिये बगैर ही गुपचुप तरीके से सम्बद्व चीफ फार्मेसिस्ट के लिए पद सृजित कर दिया गया। इस मामले में ईएसआई के मुख्यचिकित्साधिकारी डा0...