रुड़की, ब्यूरो। डाक कांवड़ की भागम-भाग के दौरान आगे निकलने की होड़ में हरियाणा और यूपी के कांवड़ियों के बीच झगड़ा हो गया, जिसके बाद दोनों गुटों में लाठी-डंडे और हॉकी से जमकर मारपीट हुई। इस दौरान एक कांवड़िए की मौत हो गई. मृतक उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है. घटना दिल्ली-हरिद्वार बायपास मार्ग की है। कांवड़ मेले के अंतिम चरण में कांवड़िए डाक कांवड़ के रूप में गंगाजल लेकर रवाना होते हैं। समय पर निर्धारित स्थल पर पहुंचने के लिए कांवड़ियों में भागम-भाग की स्थिति रहती है। हरिद्वार में पिछले 4 दिनों से डाक कांवड़ियों की दौड़ लगी हुई है। इसी कड़ी में ये घटनाक्रम हुआ। पुलिस के अनुसार हरिद्वार से गंगाजल लेकर मुजफ्फरनगर और हरियाणा के डाक कांवड़ यात्री अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। दोनों ही गुटों में आगे निकलने की होड़ लगी हुई थी। इसी बीच दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर नगला इमरती के पास उत्तर प्रदेश के यात्रियों की डाक कांवड़ आगे निकल गई। इसी बात को लेकर हरियाणा के कांवड़ियों ने हंगामा कर दिया। कहासुनी के बाद गाली गलौज और फिर दोनों तरफ से लाठी-डंडे व हॉकी चल पड़े। मारपीट में कई कांवड़िये घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए रुड़की सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पर कार्तिक (पुत्र योगेंद्र निवासी ग्राम सिसौली जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि हरियाणा के कांवड़ियों ने कार्तिक को घेरकर उसकी पिटाई की। सिर पर चोट लगने और ज्यादा खून बह जाने के कारण उसकी मौत हुई। झगड़े में कांवड़िए की मौत की सूचना पर हरकत में आई। पुलिस अभी आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास कर रही है।ं इस.मामले में एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के संयंत्र कार्यात्मक लक्षण-आधारित मूल्यांकन पर वेबिनार आयोजित
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देहरादून, ब्यूरो। डॉ. रेणु सिंह आईएफएस, निदेशक एफआरआई ने मुख्य अतिथि के रूप में वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के संयंत्र कार्यात्मक लक्षण-आधारित मूल्यांकन पर वेबिनार का उद्घाटन किया। उद्घाटन भाषण में, निदेशक ने कहा कि हमने प्रचलित पर्यावरणीय परिवर्तनों और मानवजनित दबावों के कारण जंगलों के क्षरण को अलग-अलग हद तक देखा है और इस प्रकार वनों की कार्यप्रणाली से समझौता किया जा रहा है जिससे सेवाओं का प्रवाह कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय हिमालयी क्षेत्र अत्यधिक विविध पारिस्थितिक तंत्रों को आश्रय देता है और मानव समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहाड़ के लोगों के साथ-साथ नीचे की ओर रहने वाले समुदायों को कई पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं प्रदान करता है, इसलिए उनका संरक्षण मानव जाति के समर्थन के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वनों से विभिन्न पारिस्थितिक तंत्र सेवा वितरण के तंत्र को समझने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र के कार्यों के मॉडलिंग के लिए कार्यात्मक लक्षणों पर एक डेटाबेस की आवश्यकता है। डॉ राजीव पांडे, वैज्ञानिक प्रमुख, वानिकी सांख्यिकी विभाग, आईसीएफआरई ने पारिस्थितिकी तंत्र सेवा मूल्यांकन पर एक व्याख्यान दिया. उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र मूल्यांकन के लक्ष्यों, वर्तमान चुनौतियों और पौधों की कार्यात्मक विविधता के दृष्टिकोण और पारिस्थितिकी तंत्र सेवा मूल्यांकन के बारे में चर्चा की. इस वेबिनार में डॉ. तारा चंद, वैज्ञानिक, वन पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन प्रभाग द्वारा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हिमालयी समशीतोष्ण वनों में पादप कार्यात्मक लक्षणों के आकलन पर एफआरआई पहल पर एक प्रस्तुति दी गई। डॉ....
देहरादून, ब्यूरो। कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल लड़ाई में माँ भारती की रक्षा के लिये हमारे वीर जवानों ने पराक्रम की नई परिभाषा लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल में भारत के रणबांकुरों का दुश्मन के खिलाफ किया गया सिंहनाद… 1999 से लेकर आज तक उसी वेग से गूंज रहा है। भारतीय सेना के अदम्य साहस और वीरता ने दुश्मन को एक बार फिर ये बतला दिया था कि उसके रहते हुए, तिरंगे की आन-बान और शान में रत्ती भर की भी कमी नहीं आ सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल की यह विजय गाथा भी उत्तराखंड के वीरों के बिना अधूरी है और अपने 75 सपूतों का बलिदान… ये वीर भूमि कभी नहीं भुलाएगी। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो स्वयं एक सैनिक परिवार से आता हूं और सेना के साथ मेरा रिश्ता आत्मीयता का रिश्ता है। अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने मुझे बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और मेरे अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया। मैंने बचपन से ही एक सैनिक और उसके परिवार के संघर्ष को देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे। हमने युद्ध भी जीता और वैश्विक स्तर पर कूटनीति में भी जीते। अटल जी ने शहीदों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव में राजकीय सम्मान के साथ करने की व्यवस्था की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है तो वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री जी निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि सेना आज गोली का जवाब गोले से दे रही है। भारत सरकार हर स्तर पर सेना को सदृढ़ करने का कार्य का रही है और इसी कड़ी में अग्निपथ जैसी बहुमुखी योजना को भी लागू किया गया है। इस योजना को युवाओं ने अपना अभूतपूर्व समर्थन दिया है और सेना को रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये उत्साह दिखाता है कि हमारी युवा पीढ़ी ना केवल राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित है बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी पूरी तरह से सजग है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेता को 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख,...
देहरादून, ब्यूरो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन करते हुए देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है।
देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन कक्ष में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर राज्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने के लिए अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास व कनेक्टिविटी में काफी काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को एन०एच०-109ज्ञ के ज्यामित्तीय सुधार एवं चौड़ीकरण के कार्य के लिये उत्तराखण्ड, लो०नि०वि० को निर्माण एजेंसी नामित किये जाने के साथ ही मसूरी में 02 लेन टनल परियोजना के कार्य हेतु लो०नि०वि० को कार्यदायी संस्था बनाये रखने के सम्बन्ध में आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से एन0एच0-09 के अन्तर्गत पिथौरागढ़-अस्कोट मोटर मार्ग (किमी0 2.81 से किमी0 50.00 ) हेतु बी०आर०ओ० द्वारा प्रस्तुत डी०पी०आर० की स्वीकृति, सितारगंज-टनकपुर मोटर मार्ग को 04 लेन में निर्मित किये जाने और एन0एच0-731ज्ञ के अन्तर्गत मझौला-खटीमा (13 किमी0) मोटर मार्ग को 04 लेन में परिवर्तित किये जाने के सम्बन्ध में भी अनुरोध किया।
देहरादून, ब्यूरो। नैनीताल बैंक ने अपने 101 वें स्थापना दिवस के कार्यक्रमों का आगाज अपनी सहस्त्रधारा रोड , देहरादून स्ठित शाखा में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर से किया जिसका उद्घाटन डी. आई. जी ( पी एण्ड एम) सेंथिल अवूदई कृष्णराज एवं मुख्य महाप्रबंधक बैंक ऑफ़ बड़ौदा दिनेश पंत ने किया तथा उन्होंने बैंक द्वार किये जा रहे इस सामाजिक कार्य को सराहा। इस अवसर पर नैनीताल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अजय सेठ, शाखा प्रबंधक विवेक बहुगुणा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। क्षेत्रीय प्रबंधक नैनीताल बैंक अजय सेठ ने बतायाकि इस पुरे सप्ताह बैंक की ओर से कई सामजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा जिसमे वन्य जीवों का अंगीकरण, मेधावी छात्रों का सम्मान, सरकारी विद्यालयों में छात्रों को पुस्तक एवं बैग वितरण, महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान, रक्तदान शिविर आदि प्रमुख हैं।
देहरादून, ब्यूरो। हिमालयन बज़ ने अशोका स्पा एंड रिसॉर्ट्स, देहरादून में उत्तराखंड अचीवर्स अवार्ड 2022 की मेजबानी की। समारोह के दौरान कुल 16 प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया गया। आईएनआईएफडी देहरादून द्वारा संचालित, उत्तराखंड अचीवर्स अवार्ड्स सभी बिज़नेस ओनर्स एवं युवा उद्यमियों को उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए उनकी उपलब्धियों को उजागर करके मान्यता देने की एक पहल है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा उपस्थित रहे, जिन्होंने समारोह के दौरान प्राप्तकर्ताओं को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान मौजूद प्राप्तकर्ताओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें तुलाज़ ग्रुप के उपाध्यक्ष रौनक जैन, शिक्षा सलाहकार सौरभ राजवंशी, महाकाली इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के संस्थापक विवेक सिंह कोरांगा, फॉरएवर 32 डेंटल क्लिनिक के संस्थापक डॉ मनोज पंवार, बो एंड स्क्वायर की संस्थापक तुलिका गुप्ता, रेडियो जॉकी देवांगना चौहान, स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी अमन वोहरा, वेनम क्लब के संस्थापक आकाश गुप्ता,...
देहरादून, ब्यूरो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये “विकल्प रहित संकल्प“ का मंत्र लेकर निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक होने के सपने को साकार करने हेतु उत्तराखण्ड/2025 एवं/2030 का दृष्टिपत्र तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विजन प्लान के अन्तर्गत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि दर के माध्यम से आगामी 05 वर्षाे में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में राज्य में किये गये विकास कार्यों व आगे के विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उत्तराखण्ड राज्य के विजन प्लान को साकार करने हेतु इस वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय को विगत वर्ष के बजट के सापेक्ष 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इस वृद्धि के परिणाम स्वरूप राज्य ने भारत सरकार द्वारा अपेक्षित पूंजीगत व्यय को राज्य की राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4 प्रतिशत करने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसी श्रृंखला में राज्य की आर्थिक गति को शक्ति देने हेतु आगामी 05 वर्षों में बाह्य सहायता के माध्यम से लगभग रू0 25000 करोड़ की आधारभूत संरचनायें विकसित की जायेंगी। विभागों के मध्य बेहतर सामंजस्य सुनिश्चित करने एवं पूंजीगत परियोजनाओं के सटीक नियोजन हेतु “पी०एम० गति शक्ति योजना“ की तर्ज पर राज्य गति शक्ति मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। राज्य द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले 6 माह में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। थ्रस्ट सेक्टर्स जैसे (पर्यटन, परिवहन,...
सितारगंज, ब्यूरो। विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील के प्रभारी कानूनगो/लेखपाल को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथों दबोच लिया। यह रकम दाखिल-खारिज के एवज में एक किसान से मांगी गयी थी। किसान इससे पहले भी आरोपी को छह हजार रुपये दे चुका था। विजिलेंस टीम आरोपी प्रभारी कानूनगो को ट्रैप कर हल्द्वानी ले गयी। विजिलेंस इस मामले में तहसील के अन्य कार्मिकों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। मूलतः उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले के ग्राम ककरौआ और हाल बरेली रोड, हल्द्वानी निवासी लेखपाल अशरफ अली के पास बंदोबस्त विभाग के कानूनगो का अतिरिक्त प्रभार भी है। ग्राम बिजटी पटिया निवासी किसान सुखदेव सिंह ने एसपी विजिलेंस से कानूनगो की शिकायत की थी। आरोप था कि जमीन के दाखिल-खारिज के एवज में प्रभारी कानूनगो ने उनसे 15 हजार रुपये की मांग की है। बताया कि छह हजार रुपये की रकम वह पहले दे चुके हैं, इसके बावजूद दाखिल-खारिज नहीं किया गया, जबकि यह प्रक्रिया निरूशुल्क होती है। आरोप था कि प्रभारी कानूनगो ने बाकी नौ हजार मिलने के बाद ही दाखिल-खारिज को कहा है। एसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देश पर इंस्पेक्टर चंचल शर्मा ने प्राथमिक जांच की तो शिकायत पुष्ट पायी गयी। इसके बाद ट्रैप टीम का गठन कर लिया गया। शनिवार को सुखदेव सिंह ने नौ हजार रुपये देने के लिये प्रभारी कानूनगो को अपने घर पर बुला लिया। प्रभारी कानूनगो अशरफ अली शनिवार को सुखदेव के घर पहुंचे, जहां विजिलेंस ने उन्हें नौ हजार रुपये के साथ रंगेहाथ दबोच लिया। टीम उन्हें गिरफ्तार कर यहीं से हल्द्वानी ले गयी। एसपी विजिलेंस मीणा ने टीम को दस हजार रुपये इनाम की घोषणा की। टीम में इंस्पेक्टर चंचल शर्मा, इंस्पेक्टर हेम पाण्डे, एसआई बलवीर सिंह, एसआई कैलाश जोशी शामिल रहे। मामले में तहसील के अन्य कर्मियों- अधिकारियों की संलिप्तता की जांच के लिये इंस्पेक्टर हेमा पंत को जांच सौंपी गयी है। प्रभारी कानूनगो की गिरफ्तारी के बारे में दोपहर बाद तक भी एसडीएम और तहसील के कर्मचारियों को जानकारी नहीं थी। दरअसल, विजिलेंस टीम प्रभारी कानूनगो को किसान के घर से गिरफ्तार कर सीधे हल्द्वानी ले गयी। ग्रामीणों के जरिये दोपहर तक यह जानकारी अधिकारियों को मिली। हालांकि, विजिलेंस की ओर से शाम तक भी तहसील अधिकारियों को आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि प्रभारी कानूनगो की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना के बाद मामले में विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
देहरादून, ब्यूरो। डोईवाला शुगर कंपनी लि0 बाह्य गन्ना क्रय केन्द्रों से गन्ना परिवहन का कार्य कर रहे ठेकेदारों द्वारा पेराई सत्र के दौरान गन्ना परिवहन कार्य के बिल भुगतान हेतु मिल में प्रस्तुत किये गए थे, मिल द्वारा उक्त परिवहन ठेेकेदारों एवं उनके वाहनों चालकों को पेट्रोल पम्प से जो डीजल उपलब्ध कराया गया था। उसकी राशि इनके बिलों से कटौती कर समायोजित की गई। ठेकेदारों द्वारा डीजल की राशि अधिक वसूलने की मौखिक शिकायत मिल से की गई। उक्त का संज्ञान लेते हुए मिल द्वारा उक्त परिवहन ठेकेदारों को जारी की गई डीजल की पर्चियों की जांच की गई। जांच के दौरान लगभग 33 पर्चियां ऐसी पायी गई जो मिल स्तर से जारी नहीं हुई। जांच के दौरान संज्ञान में आया कि फर्जी पर्चियां बनवाई गई व संबंधित पैट्रोल पम्प द्वारा फर्जी पंिर्चयों पर तेल व नकद पैसे दिए गए तथा वह फर्जी पर्चियां बिना पड़ताल किए संबंधित पैट्रोल पम्प द्वारा डोईवाला शुगर मिल को भुगतान हेतु भेज दी गई। जिसे रजिस्टर में मिलान करने पर फर्जीवाड़े का पता लगा कि ये पर्चियां मिल द्वारा जारी नहीं की गई। इस फर्जीवाड़े में ट्रासंपोर्टर, ड्राईवर व पैट्रोल पम्प की मिली भगत उजागर होने पर थाना कोतवाली डोईवाला में प्राथमिकी दर्ज की गई है।