देहरादून, ब्यूरो। आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील सीमांत क्षेत्र त्यूणी में बना हेलीपैड जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। 2019 की आपदा से क्षतिग्रस्त हेलीपैड को संबंधित विभाग ठीक करने की सुध नहीं ले रहा है।
जनपद के दुर्गम क्षेत्र त्यूणी में वर्ष 2015-16 में खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग ने टोंस नदी किनारे हेलीपैड का निर्माण कराया था। आराकोट कोठीगाढ आपदा के दौरान इसी हेलीपैड से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए थे। लेकिन अगस्त 2019 में कोठीगाढ बंगाण क्षेत्र में आई आपदा के दौरान हेलीपैड पर बोल्डर, मलबा जमा हो गया। प्रदेश की राजधानी से 180 किलोमीटर दूर त्यूणी आपदा के लिहाज से अति संवेदनशील है। कई बड़े सड़क हादसे, अग्निकांड, दैवीय आपदाएं इस क्षेत्र में घटित हो चुकी हैं। ऐसे में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, घायलों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल तक पहुंचाने में हेलीपैड मददगार साबित हो सकता है।