देहरादून, ब्यूरो। रविवार को प्रदेश में आठ जिलों में 80 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि 41 मरीज ठीक हुए हैं। रविवार को एक भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, फिलहाल प्रदेश में 880 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी जिले में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, संक्रमितों की रिकवरी दर 95.23 प्रतिशत और संक्रमण दर घटकर 6.91 प्रतिशत दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रविवार को 1078 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, सामने आए 80 मामलों में सर्वाधिक 52 मामले देहरादून के हैं। इसके अलावा हरिद्वार में चार,...
देहरादून, ब्यूरो। आम आदमी पार्टी में पार्टी संगठन में अनुशासन बनाये रखने के लिए पार्टी नेतृत्व द्वारा गंभीर विचार विमर्श के उपरान्त प्रदेश स्तरीय अनुशासन समिति का गठन किया गया है। अनुशासन समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता जगतार सिंह बाजवा को अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण भूमिका देने के साथ उनको सहयोग करने के लिए युवा नेता विशाल चैधरी को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। सदस्यों के रूप में राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाले प्रदेश उपाध्यक्ष डा0 आर0 पी0 रतूड़ी, प्रदेश उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह रावत एवं एडवोकेट मनीषा दुसेजा को कमेटी में शामिल किया गया है। मीडिया को अनुशासन समिति की सूची जारी करते हुए पार्टी के प्रदेश संगठन समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में अनुशासन होना बहुत आवश्यक है, अनुशासित राजनीतिक दल के लोग ही जबाबदेही से अपना काम करते हुए जनता के बीच में अपनी अच्छी पैठ बनाकर जनसमस्याओं के समाधान में भागीदारी करते हैं, जो कि उनका पहला कर्तव्य होता है। समिति में शामिल सभी लोगों को बधाई देते हुए श्री बिष्ट ने कहा कि समिति के अध्यक्ष व सभी अन्य साथी पार्टी में बेहतर अनुशासन बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
देहरादून, ब्यूरो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री एवं उत्तराखण्ड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शिष्टाचार भेंट की।
पौड़ी, ब्यूरो। जिले में बादल फटने से यमकेश्वर तहसील में तीन गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई गांवों में लोगों के घर जमींदोज हो गए हैं। एक महिला की मलबे में दबकर मौत हो गयी है। वहीं ग्रामीणों के कई मवेशियों के बह जाने का भी अंदेशा है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार यमकेश्वर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत तड़के साढ़े 3 बजे बादल फटने से भारी तबाही हो गयी है। बताया जा रहा है कि तहसील के ग्राम बिनक में भवन के क्षतिग्रस्त होने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गयी। वहीं डिवोगी निवासी धर्म सिंह की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई है। गौशाला ढह गई है। गौशाला में बंधे मवेशी भी बह गए। ग्राम आवई, उदयपुर मल्ला व ग्राम पम्बा वल्ला में एक एक आवासीय भवन बारिश से जमींदोज हो गये हैं। गनीमत रही कि समय रहते सभी वाशिंदे सही सलामत सुरक्षित जगह पहुंच गए। वहीं जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने जनपद आपदा कंट्रोल रूम तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावित स्थलों का मौका मुआयना करने को कहा है। इसके साथ ही प्राथमिक रेस्क्यू की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। तहसील प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा प्रभावित स्थानों पर लोगों की मदद को कहा गया है। डीएम ने एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर रवाना कर दी हैं।
देहरादून, ब्यूरो। देहरादून जनपद में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में शिक्षा विभाग द्वारा 10000 व्यक्तियों हेतु निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई। जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा विद्यालयों में अवकाश का निर्णय लिया गया, किन्तु सूचना समय पर प्राप्त न होने के कारण पीएम पोषण योजना की केन्द्रीयकृत रसोई से विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार किया जा चुका था। ऐसी स्थिति में तत्काल वंशीधर तिवारी, महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा द्वारा मुख्य शिक्षा अधिकारी डा० मुकुल कुमार सती को तैयार भोजन से गाड़ियों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिये गये। मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों मालदेवता कोल्हूपानी, डोईवाला तथा विकासनगर में बाढ़ प्रभावितों के लिए तथा भाऊवाला, आईएसबीटी के समीपस्थ बस्तियों में भोजन पहुंचाया गया।
देहरादून, ब्यूरो। अपना वार्षिक सामाजिक-सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विशाल जन्माष्टमी कार्यक्रम के 25 साल पूरे होने के अवसर पर, दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की ओर से संस्थापित एवं संचालित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान डीजेजेएस ने दो साल के वर्चुअल समारोहों के बाद, 18 और 19 अगस्त को, डीडीए ग्राउंड, सेक्टर -10, द्वारका, दिल्ली में भव्य श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया। श्री कृष्ण को ही नहीं, कृष्ण की भी मानें विषय पर आधारित इस दो दिवसीय मेगा इवेंट में रिकॉर्ड तोड़ संख्या में भक्त-श्रद्धालु शामिल हुए व पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम की भव्य सफलता इसके महत्वपूर्ण डिजिटल फुटप्रिंट में भी दिखाई दे रही है। डीजेजेएस यूट्यूब चैनल पर 19 अगस्त शाम 7ः30 बजे भारतीय समय से कार्यक्रम की वेब स्ट्रीम पब्लिश कर दी गयी जिसमें लगातार दर्शकों की संख्या बढती जा रही है कार्यक्रम से पहले और उसके दौरान असंख्य अध्यात्म में रूचि रखने वाले लोगों के द्वारा सोशल मीडिया हैण्डलों पर हैजटैगडीजेजेएसजन्माष्टमी का प्रयोग कर रील, शॉर्ट्स और पोस्ट अपलोड की गईं। सुदामा-श्री कृष्ण मैत्री सच्ची मित्रता का बंधन श्रीकृष्ण का विश्वरूप, क्रांतिकारी संत मीराबाई जी की गाथा,...
देहरादून, ब्यूरो। तुलाज इंटरनेशनल स्कूल के खेल विभाग द्वारा एक इंटर हाउस फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। जूनियर बॉयज वर्ग में पहला फाइनल मैच ट्रोजन और टाइटन हाउस के बीच खेला गया जिसमें टाइटन हाउस ने 2-1 से मैच जीतकर टूर्नामेंट की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वहीँ ट्रोजन हाउस को उपविजेता की ट्रॉफी से नवाजा गया। जूनियर बालक वर्ग में टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की ट्रॉफी उदय उज्जवल को प्रदान की गई। दूसरा फाइनल मैच सीनियर बॉयज वर्ग में ओलंपियन और टाइटन हाउस के बीच खेला गया जिसमें टाइटन हाउस ने मैच को 3-2 से जीत लिया और टूर्नामेंट के विजेता की ट्रॉफी हासिल करी। वहीं उपविजेता ट्रॉफी ओलंपियन हाउस को प्रदान की गई। अक्षत मैत्रेय को सीनियर बॉयज वर्ग में टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ीश् घोषित किया गया। टीआईएस के हेडमास्टर मृगांक पांडेय ने विजेता और उपविजेता टीमों को पदक और ट्राफियां देकर सम्मानित किया और विजेताओं को बधाई दी।
रामनगर, ब्यूरो। कॉर्बेट से सटे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बन्नाखेड़ा रेंज में सागौन के लट्ठों की तस्करी कर रहे दो वन तस्करों को वनकर्मियों ने पकड़ा है। वनकर्मियों ने तस्करों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और सागौन के छह लट्ठे बरामद किये हैं। इसके साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। तराई पश्चिम वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि देर रात को मुखबिर की सूचना पर बन्नाखेड़ा रेंज से दो लोगों को सागौन के लट्ठों के साथ पकड़ा है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी जंगल से सागौन के पेड़ काटकर लट्ठों को मोटरसाइकिल की मदद से ला रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और सागौन के छह लट्ठे बरामद किये हैं। कुंदन कुमार ने बताया कि पकड़े गए सागौन के लट्ठों की कीमत 50,000 रुपए से ज्यादा आंकी जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की गश्त आगे भी लगातार जारी रहेगी।
देहरादून, ब्यूरो। शुक्रवार दोपहर पिथौरागढ़ जिले में भूकंप के झटके महसूस किये गये। भूकंप के झटके दोपहर 12.55 पर महसूस किये गये। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 मापी गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकले। पिथौरागढ़ से पहले जम्मू-कश्मीर में 3.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील जोन पांच और संवेदनशील जोन चार में आता है। अति संवेदनशील जोन पांच की बात करें तो इसमें रुद्रप्रयाग जिले के अधिकांश भाग के अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिले आते है। वहीं जो क्षेत्र संवेदनशील जोन चार में हैं, उनमें ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा जिला शामिल है. देहरादून और टिहरी का क्षेत्र दोनों जोन में आता है।
देहरादून, ब्यूरो। सुमिल केमिकल इंडस्ट्रीज ने हाल ही में अपना पेटेंट कीटनाशक ब्लैक बेल्ट उत्तराखंड में लॉन्च किया। इस अवसर पर सुमील केमिकल इंडस्ट्रीज के निदेशक सुकेतु दोषी ने कहा कि ब्लैक बेल्ट एक नई ड्राई कैप टेक्नोलॉजी से बना उत्पाद है, जिसके माध्यम से कीटनाशक के सभी एक्टिव रसायन सुरक्षित एक पॉलीमर कैप्सूल में बंद रहते हैं। यह रसायन ड्राई कैप के माध्यम से पौधों की पत्तियों पर उचित समय के साथ उचित मात्रा में पहुचते है, जिससे कि पौधों को कीटों से सुरक्षित रखा जा सके। इस तरह ब्लैक बेल्ट पौधों से अलग अलग प्रजाति की सुंडियो का नियंत्रण करता है। ब्लैक बेल्ट अलग-अलग प्रकार के कीटों और अलग अलग प्रकार की फसलों पर कारगर है जिसमें धान, कपास, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन के साथ-साथ टमाटर, गोभी, मिर्ची और प्याज की फसलें भी शामिल है। सुकेतु दोशी, सुमिल केमिकल इंडस्ट्रीज के निदेशक ने कहा कि, ब्लैक बेल्ट एक अद्वितीय संकल्पना है जिसमें कंपनी की पेटेंट की हुई ड्राई कैप टेक्नोलॉजी है जो कि वर्तमान में बाजार में उपलब्ध अधिक ज़हरीले तरल फॉर्मूलेशन का एक सुरक्षित विकल्प है। ब्लैक बेल्ट पानी में घुलने वाला कीटनाशक है, और इसे निर्धारित मात्रा में ही उपयोग किया जाना चाहिए (270 से 300 ग्राम प्रति एकड़)। इसे पानी में मिलाकर पौधों पर निर्धारित समय पर छिड्काव करने से इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलता है। ब्लैक बेल्ट पौधे की सतह पर समान रूप से फैलता है और बहुत जल्दी निर्धारित कीटों का नियंत्रण करता है। सुगंधहीन ब्लैक बेल्ट ड्राई कैप टेक्नोलॉजी के कारण यह लंबे समय तक पौधों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही ब्लैक बेल्ट का मिट्टी और पर्यावरण पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। सुमिल केमिकल इंडस्ट्रीज का मुख्यालय मुंबई में है और यह कंपनी तकनीक के आधार पर आधुनिक फसल सुरक्षा और विशेष खाद बनाने के क्षेत्र में देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनी बनने की ओर अग्रेसर है। विश्वभर के 80...