विकासनगर, ब्यूरो। खत शिलगांव कथियान के नुणाईथात में ऐतिहासिक बिस्सू मेला धूमधाम से मनाया गया। हजारों की संख्या में पहुंचकर लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया। छह साल बाद मनाया जा रहे कथियान बिस्सू मेला को देखने के लिए जौनसार बावर के साथ ही बगांण, रवांई, जौनपुर, हिमाचल प्रदेश के जुब्बल कोटखाई, नेरवा, थरोज, चौपाल, देवधार से बड़ी संख्या मे जाने माने ठोढरी आते हैं। मेले का मुख्य आकर्षण ही ठोठा (धनुष–बाण) नृत्य होता है।
घने देवधार के जंगल में नुणाईथात प्राकृतिक रूप से ही स्टेडियम आकार का बना हुआ है। यहां लगने वाले बिस्सू मेले में शिलगाव खत के पटियूड, डांगूठा, ऐठान, भूनाड़, हरटाड़, छजाड़, भटाड़, कथियान, डिरनाड़, पूरटाड़ आदि गांवों के ग्रामीण हाथों में बुरांश के फूल लेकर आते हैं, जो शिरगुल देवता को चढ़ाये जाते हैं। उसके बाद थात में विधिवत मेला शुभारंभ होता है। महिला तांदी नृत्य करती है और पुरुष ठोड़ा नृत्य करते हैं। गुरुवार को हिमाचल प्रदेश, बगांण, देवधार से पहुंचे ठोठरीओं ने मेले में समां बांधा। इस दौरान स्याणा महेन्द्र सिंह, जयेंद्र सिंह, हरपाल चौहान, रमेश चन्द्र चौहान, बजीर मेजर सिंह, खजान सिंह, मनीष चौहान, यशपाल सिंह, सतपाल, अनिल रावत, युद्धवीर, विरेंद्र शर्मा, केशर, कीरत सिंह, महावीर सिंह आदि मौजूद रहे।